विधानसभा का मानसून सत्र में सड़क और खाद का मुद्दा उठाएगें विधायक लहरिया
मस्तूरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कई गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इन गांवों के लोगों को कच्ची सड़कों से निकलना पड़ रहा है, गांव में पक्की सड़के नहीं होने से बच्चों को शिक्षा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है, इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक श्री दिलीप लहरिया काफी मुखर होकर विधानसभा में अपनी बात रखते रहे हैं। एक चर्चा के दौरान श्री लहरिया ने बताया कि यह समस्या मस्तूरी विधानसभा का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में यही स्थिति है। सड़कों के निर्माण कार्य को भाजपा शासन द्वारा आर्थिक मितव्ययिता के नाम पर रोकना भाजपा की साय सरकार की जन विरोधी मानसिकता का परिचायक है।
श्री लहरिया जी ने आगे बताया कि क्षेत्र की कुछ सड़कों की स्वीकृति शासन द्वारा दी गई है, जिसमें बहतरा से आमाकोनी मार्ग, सोन मे सरारा नाला से सबरिया डेरा मार्ग, बिनौरी से हरदी भगवानपाली केनाल मार्ग शामिल है। परंतु स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है इसी प्रकार 2025-26 के बजट में सोनसरी से सोन बसंतपुर मुकुंदपुर मार्ग, धनगवा ओखर गीधपुरी भटचौरा होते हुए चिल्हाटी मार्ग, पचपेड़ी मेंन रोड से केवतरा जलसो भरारी लोहर्सी होते हुए चिल्हाटी मार्ग, बकरकुदा से मटिया मार्ग, लावर भोथीडीह कोनी इटवा सरसेनी मार्ग, खम्हरिया मड़ई बिटकुला निरतू मार्ग, सहित अन्य सड़के भी शामिल हैं। श्री लहरिया ने मुख्यमंत्री से निवेदन कर मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के इन सड़कों के निर्माण चौड़ीकरण पुल पुलिया सहित कार्य को शीघ्र ही प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने अनुरोध किया है।
इसी तरह किसानों की खाद की समस्याओं के संबंध में श्री दिलीप लहरिया ने प्रदेश की कथित डबल इंजन की सरकार पर पूरे प्रदेश में खाद्य संकट पैदा करने का आरोप लगाया है, श्री लहरिया ने कहा कि सहकारी समितियां को डीएपी खाद की सप्लाई न कर सरकार द्वारा खुले बाजारों में अधिक दाम पर उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के दोहरे चरित्र के चलते उनका किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है डीएपी संकट को लेकर प्रशासनिक अमलों के द्वारा यह कहा जा रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को डीएपी की सप्लाई न होने के कारण यह संकट उत्पन्न हुई है, यदि ऐसा है तो निजी दुकानों में डीएपी का स्टाक कहां से आ रहा है प्रदेश में केवल शासकीय दुकानों में डीएपी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जबकि खुले बाजारों में भारी मात्रा में डीएपी उपलब्ध है जिसे ऊंचे दरों पर बेचा जा रहा है।
श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि खाद की कालाबाजारी कर किसानो को परेशान करने का काम बीजेपी की साय सरकार कर रही है, कमीशन का खेल प्रदेश में चल रहा है इन सभी मुद्दों को विधानसभा के शुरू होने वाले मानसून सत्र में जोर-जोर से उठाएंगे तथा किसानों सहित क्षेत्र की जनता की मूलभूत समस्याओं को सदन में रखकर उनके समाधान के लिए सरकार को घेरेंगे।
