मनरेगा मजदूरों का फूटा गुस्सा, डेढ़ से दो माह बाद भी नहीं मिला मेहनताना

 मनरेगा मजदूरों का फूटा गुस्सा, डेढ़ से दो माह बाद भी नहीं मिला मेहनताना 


मस्तूरी। मस्तूरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत किए गए कार्य का भुगतान समय पर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें काम किए हुए लगभग डेढ़ से दो माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मजदूरी की राशि बैंक खातों में नहीं पहुंची है।

ग्रामीणों ने बताया कि वे रोज कमाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मनरेगा की मजदूरी समय पर नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों को दैनिक जरूरतों और बच्चों के खर्च पूरे करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मजदूरों ने कहा, "हम मेहनत से काम करते हैं, लेकिन समय पर मजदूरी नहीं मिलती। आखिर सरकार को हम मजदूरों की चिंता क्यों नहीं है? हमारी मजदूरी जल्द से जल्द जारी की जाए।"

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मनरेगा के लंबित भुगतान का तत्काल निराकरण कर मजदूरों के खातों में राशि जमा कराई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।

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