भाड़हा में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण संपन्न बीज उपचार, मृदा परीक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी

 भाड़हा में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण संपन्न



बीज उपचार, मृदा परीक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी

पचपेड़ी/मस्तूरी। ग्राम भाड़हा में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं तकनीकी परिषद रायपुर तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के भाड़हा, रेल्हा, पटौदी, धूर्वकारी, पचपेड़ी सहित आसपास के गांवों से 100 से अधिक कृषक एवं महिला कृषक (दीदी) शामिल हुए।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पचपेड़ी के सरपंच श्री टंडन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं युवा नेता अरविंद डहरिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कोरबा की डॉ. चेतना जांगड़े, पादप रोग विज्ञान ने किसानों को बीज एवं मृदा से उत्पन्न होने वाले विभिन्न रोगों की जानकारी दी। उन्होंने बीज परीक्षण एवं बीज उपचार की तकनीकी विधियों का प्रशिक्षण देते हुए जैव उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी। पीएसबी, एजोटोबैक्टर, राइजोबियम सहित अन्य जैव उर्वरकों से बीज उपचार का प्रदर्शन भी किया गया। किसानों ने पहली बार इस तरह के तकनीकी प्रदर्शन को देखा और इसकी जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद डॉ. आशीष केरकेट्टा ने वर्तमान कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचार एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में किसानों को जानकारी दी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ए.के. अहीर, मस्तूरी, जिला बिलासपुर ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा मिट्टी परीक्षण कराने वाले किसानों की सूची का भी अवलोकन कराया।

कार्यक्रम के आयोजनकर्ता एवं परियोजना प्रभारी डॉ. रोशन भारद्वाज ने धान की फसल तथा लघु धान्य फसलों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, बीज उपचार और जैव उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की जानकारी प्रदान की गई।

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