सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी ई-रिक्शा ने बदली कल्याणी की जिंदगी, कमा रहीं 15 से 20 हजार रुपए हर माह

 सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी 


ई-रिक्शा ने बदली कल्याणी की जिंदगी, कमा रहीं 15 से 20 हजार रुपए हर माह


शासन की योजनाओं से महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर

बिलासपुर, 29 सितम्बर 2026/कभी रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली मगरपारा निवासी कल्याणी कैवर्त आज ई-रिक्शा के जरिए आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। श्रम विभाग की ’’दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’’ ने उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का रास्ता खोला है।

  कल्याणी पहले रोजी-मजदूरी का काम करती थीं। मेहनत करने के बावजूद उन्हें प्रतिमाह लगभग 7 से 8 हजार रुपए की ही आय हो पाती थी। सीमित आमदनी में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने और आय का स्थायी साधन विकसित करने की इच्छा उनके मन में थी। इसी दौरान श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना उनके लिए मददगार बनी। योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और स्वयं रोजगार से जुड़ गईं। ई-रिक्शा चलाकर अब वे प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। 

  कल्याणी बताती हैं कि पहले परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें रोजी-मजदूरी पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब उनके पास स्वयं का रोजगार है। नियमित आय होने से वे अपने परिवार का पालन-पोषण पहले की तुलना में बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। ई-रिक्शा उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम भी बन गया है। कल्याणी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाएं उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं। ऐसी योजनाओं से महिलाएं स्वयं का रोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।


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