डैम बनने के बाद पहली बार गंगरेल के सभी 14 गेट खोले गए
रिकॉर्ड 2.51 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया, 8 से 9 घंटे तक जारी रहा जलप्रवाह
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध गंगरेल (रविशंकर सागर जलाशय) ने भारी बारिश के बीच अपना रौद्र रूप दिखाया। बांध बनने के बाद पहली बार जलस्तर और आवक की ऐसी स्थिति बनी कि गंगरेल के सभी 14 गेटों को करीब 4 मीटर तक खोलकर पानी की निकासी की गई।
बताया गया कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लगातार मूसलाधार बारिश हुई। धमतरी सहित गंगरेल के कैचमेंट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी और जलाशय भर गया।
स्थिति को देखते हुए गंगरेल बांध से रिकॉर्ड 2.51 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया। यह करीब 71.08 लाख लीटर प्रति सेकंड के बराबर बताया गया है। वर्ष 1978 में बांध के निर्माण के बाद पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में पानी लगातार करीब 8 से 9 घंटे तक छोड़ा गया।
गंगरेल से इतनी तेज गति से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलप्रवाह भी बढ़ गया। प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
