पचपेड़ी क्षेत्र के आश्रित ग्राम बिनोरीडीह पंचायत केवटाडीह कि ग्रामीणों ने कहा रोड नहीं तो वोट नहीं
इस तरह की चुनाव का हम बहिष्कार करते हैं क्योंकि यह रोड किसी से छुपा नहीं है हम इस रोड के विषय में कई बार आवेदन दे चुके हैं लिहाजा वैसी के वैसी फिर भी जो भी नेता आता है वह आंख मूंद कर चले जाता है इस तरह की समस्या हम लोग को होती है शायद हमको ही मालूम है यह रोड को जर्जर होने की वजह से पिछले 3 साल से इस रोड पर बस चलना भी छोड़ दिया है और आगे कहा इस गांव की दैनिक स्थिति बहुत ही खराब है कि किसी महिला को यदि प्रसव कराना है तो यहां पर गाड़ी भी नहीं आते क्योंकि रोड खराब होने की वजह से गाड़ी वाले सांप मना कर देते हैं जिससे हम लोगों को चारपाई पर ले जाना पड़ जाता हैबोहारडीह से बिनौरीडीह केंवटाडीह पहुंच मार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं हैं यह रोड नीचे बेल्ट की दर्जनों गांवों को जोड़ती हैं इसे गांव की जीवन रेखा भी कहीं जाती हैं क्यों की यही वो रोड हैं जो इन गाँवो के तक़रीबन 10 हजार से भी अधिक लोगों को मुख्य धारा से जोड़ती हैं मालूम हो की आसपास के सभी ग्रामीणों को छोटी बड़ी सभी जरुरत की सामान खरीदने चिल्हाटी या पचपेड़ी आना पड़ता हैं पर रोड की दयनीय स्थिति के कारण आधे घंटे की दुरी घंटो में तय होती हैं और कई लोग अनचाहे दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाते हैं चाहे बात करे ब्यापारियों की किसानो की शिक्षकों की या विद्यार्थियों की सभी इसी रोड से आना जाना करते हैं जो सभी के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं यह रोड पी डब्लू डी विभाग के अंतर्गत आता है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हालांकि कुछ महीने पहले रिपेरिंग के नाम पर लीपा पोती जरूर हुई थी जब इस रोड के गढ्ढो पर गिट्टी डाल कर छोड़ दिया गया था जो न काफी साबित हुई और यह पहले से और ख़राब अवस्था में पहुंच चुकी है ऐसा लगता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं जो सड़क की हालत नहीं सुधरने पर कभी भी घट सकती हैं
