ग्राम पंचायत लोहर्सी में शुक्रवार को कलश यात्रा निकाली गई
पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहर्सी में शुक्रवार को 9 कुंडली गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई जिसमें कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से निकाल कर
आध्यात्मिक चेतना के जागरण के उद्देश्य से 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित इस चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर कतारबद्ध होकर भजन-कीर्तन के साथ मोनगरा तालाब पहुंचीं। यहां विधि-विधान के साथ गंगा जल भरकर पुनः यात्रा यज्ञ स्थल के लिए प्रस्थान की गई। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के मुख से गूंजते भजनों और गायत्री मंत्रों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। गायत्री महायज्ञ सनातन संस्कृति का पवित्र स्तंभ है, जो आत्मशुद्धि, समाज सुधार और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम माना जाता है।
आयोजन के तहत प्रत्येक दिन विभिन्न धार्मिक क्रियाकलाप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रातः 6 बजेः ध्यान, जप एवं प्रज्ञायोग (मानसिक शांति एवं आत्मिक बल के लिए)। प्रातः 8 बजे: देव पूजन एवं महायज्ञ हवन एवं आहुतियों के माध्यम से वातावरण को शुद्ध किया जाता है। सायं 6 बजे: प्रवचन, युग संगीत एवं दीप यज्ञ (सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश दिया जाएगा। 5 मई 2025: पूर्णाहुति एवं टोली विदाई के साथ महायज्ञ का समापन होगा। तत्वावधान में आयोजित इस महायज्ञ में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने पहुंच रहे
आयोजन समस्त ग्रामवासी एवं गायत्री परिवार के तत्वधान में किया गया


