रिश्वत मामले में दोषी निलंबित बाबू को डीईओ ने वहीं कर दिया बहाल
मेडिकल बिल बनाने के एवज में मांगा था 10 प्रतिशत कमीशन
मेडिकल बिल के एवज में 10 फीसदी कमीशन मांगने वाला बाबू न सिर्फ बहाल हुआ, बल्कि उसी दफ्तर और कुर्सी पर लौट आया जहां रिश्वत की मांग की थी। डीईओ ने दोष साबित होने के बावजूद चेतावनी देकर उसे बहाल कर दिया।
बाद शासकीय प्राथमिक शाला खपरी के शिक्षक संतोष कुमार साहू ने मेडिकल बिल भुगतान के लिए बीईओ कार्यालय मस्तूरी में आवेदन दिया था। जांच के बाद 1 लाख 87 हजार 459 रुपए स्वीकृत हुए। बीईओ कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 सीएस नौरके ने 9 जुलाई की रात 8.30 बजे कॉल कर 10 प्रतिशत कमीशन मांगा। देने से मना करने पर भुगतान रोक दिया। शिकायत पर शिक्षक ने डीईओ और कलेक्टर
कोई जाने तैयार नहीं, इसलिए बहाल
लिपिक को बहाल कर दिया गया है और पोस्टिंग भी कर दी गई है। आवश्यकता के हिसाब से यह निर्णय लिया गया। वहां जाने के लिए कोई और तैयार नहीं हुआ, इसलिए बहाल करना पड़ा। दोष सिद्ध हुआ है, इसलिए उसे सजा दी गई है। वेतन वृद्धि रोकी गई है। दोबारा ऐसा करने पर टर्मिनेट करने की चेतावनी दी गई है।
-विजय टांडे, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ।
को ऑडियो सौंपा, जो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। तब डीईओ ने नौरके को सस्पेंड किया था। अब 44 दिन बाद उसे चेतावनी के साथ दोबारा बहाल कर दिया गया।
