मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था, 3 साल से खुले में पड़ा जेनरेटर बेकार
मस्तूरी।
मस्तूरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अस्पताल में लाइट बंद होते ही मरीजों और परिजनों को अंधेरे में इंतजार करना पड़ता है, जबकि अस्पताल में लगभग 4 से 5 लाख रुपये कीमत का जेनरेटर 3 साल से खुले में पड़ा हुआ है।
ग्रामीणों और मरीजों का कहना है कि अस्पताल में बिजली गुल होने पर तत्काल जेनरेटर का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन इसका उपयोग नहीं किया जाता। कई बार रोगियों का इलाज भी प्रभावित होता है, पर जिम्मेदार चुप हैं।
खुले में पड़े जेनरेटर की देखरेख न होने से उसके खराब होने का अंदेशा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन को तत्काल इस पर ध्यान देना चाहिए और जेनरेटर चालू कराकर मरीजों को राहत देनी चाहिए।
ग्रामीणों की मांग है कि अस्पताल की अव्यवस्था सुधारी जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
