सेवा सहकारी समिति में 76 लाख के गबन का आरोप, जगजीवन राम कुर्रे को धान खरीदी प्रभारी न बनाने की मांग
भरारी (बिलासपुर)।
धान खरीदी सीज़न शुरू होने से पहले भरारी सेवा सहकारी समिति (पंजी. सं. 558) में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद तेज हो गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर बिलासपुर एवं उप पंजीयक सहकारिता संस्थाएं बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर समिति के कर्मचारी जगजीवन राम कुर्रे को किसी भी समिति में धान खरीदी प्रभारी नियुक्त न करने की मांग की है।
2020-21 में 20,944.09 क्विंटल धान और बारदाना गायब, 79.74 लाख का नुकसान
सूत्रों के अनुसार जगजीवन कुर्रे लिपिक पद पर कार्यरत है, लेकिन वर्ष 2020-21 में उसे धान खरीदी प्रभारी प्रबंधक बनाया गया था। इसी दौरान धान और बारदाना की भारी कमी सामने आई।
जांच रिपोर्ट में 20,944.09 क्विंटल धान और बारदाना का अभाव पाया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹79,74,661 बताई गई। इसे गंभीर गबन का मामला माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय भी मामले की शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रभाव के चलते कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
₹5 लाख लेकर पुनः प्रभारी बनाने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि उस समय के उप पंजीयक श्रीमती मंजू पांडे तथा प्राधिकृत अधिकारी सीईओ श्रीमती गोधुली वर्मा द्वारा ₹5 लाख में सौदेबाजी कर जगजीवन को पुनः प्रभारी नियुक्त किया गया, जिससे ग्रामवासियों में रोष फैला हुआ है।
2023-24 में फिर जुड़ा नया मामला, 76 लाख का गबन
शिकायतकर्ता रूपचंद राय ने कहा कि वर्ष 2023-24 में समिति प्रबंधक रेशमलाल कुर्रे और जगजीवन राम कुर्रे पर संयुक्त रूप से लगभग ₹76 लाख के गबन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे कर्मचारी लगातार अनियमितताओं में लिप्त रहते हैं और “मौका मिलने पर करोड़ों रुपये का गबन कर सकते हैं”।
विभाग बोला—आरोप निराधार
वहीं सहकारिता विभाग की सीईओ गोधुली वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि—
> “ये सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं, जो भी गबन का मामला था वह रेशमलाल कुर्रे के समय हुआ था। वर्तमान में कार्य जीरो स्तर से शुरू हो रहा है।” और आप चाहे तो शाखा में पता कर सकते हैं
शिकायत के साथ दिए गए दस्तावेज
ग्रामीणों ने मांग पत्र में निम्न दस्तावेज भी संलग्न किए—
✔ थाना पचपेड़ी में दिए आवेदन की प्रति
✔ उप पंजीयक कार्यालय द्वारा प्राधिकृत अधिकारी, पुरैना को भेजे गए जांच आदेश की प्रति
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जगजीवन राम कुर्रे को किसी भी समिति में प्रभारी नियुक्त न किए जाने और गबन के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
