प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल प्रेस भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा

 प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल

प्रेस भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 11 जनवरी

सारंगढ़ के गुरु घासीदास पुष्प वाटिका में रविवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजक पत्रकारों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत जैतखाम की पूजा-अर्चना एवं राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” के साथ हुई। साथ ही शहीद पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सारंगढ़ में प्रेस भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा की, जिस पर उपस्थित पत्रकारों ने उनका आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में इंटरनेशनल कराते विजेता सोनिया चौहान, पुलिस निरीक्षक टीकाराम खटकर, राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित सुनीता यादव एवं प्रियंका गोस्वामी सहित अन्य विभूतियों को “सारंग रत्न सम्मान” से नवाजा गया।

आयोजक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश प्रताप परिहार, उपाध्यक्ष नितिन सिन्हा एवं गोविन्द शर्मा ने उप मुख्यमंत्री से पत्रकार सुरक्षा कानून को और प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारों के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं। सभी पत्रकार औपचारिक रूप से पत्रकारिता का कोर्स नहीं कर पाते, ऐसे में कार्यशालाएं उन्हें सीखने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता आसान कार्य नहीं है, इसमें निरंतर कठिन परिश्रम करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और प्राचीन लोकतंत्र है, जहां पत्रकार चौथे स्तंभ के रूप में बड़े से बड़े व्यक्ति से सवाल पूछ सकता है। यही लोकतंत्र की ताकत है। आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं।

सोशल मीडिया में “पहले पोस्ट करने की होड़” पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इज्जत कमाने में वर्षों लगते हैं, लेकिन एक गलत खबर किसी व्यक्ति की पूरी प्रतिष्ठा को खत्म कर सकती है। इसलिए खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी गहराई से जांच आवश्यक है।

उन्होंने पत्रकारिता की तुलना वकालत से करते हुए कहा कि जैसे एक वकील को चिकित्सा, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक व्यवस्था की समझ होनी चाहिए, वैसे ही पत्रकारों को भी विभिन्न विषयों का व्यापक ज्ञान होना चाहिए, तभी अच्छी पत्रकारिता संभव है।

एक संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने मुंगेली के दिवंगत पत्रकार महेंद्र अग्रवाल का उल्लेख किया और कहा कि धमकी भरे पत्र और संघर्ष ही सच्चे पत्रकार के असली पदक होते हैं। जीवन के अंतिम क्षण तक सच्चाई के लिए खड़े रहना ही पत्रकार की पहचान है।

कार्यक्रम में एसपी आंजनेय वाष्र्णेय, सीईओ इंद्रजीत बर्मन, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही, ज्योति पटेल, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, हरिदास भारद्वाज, सुभाष जालान, संदीप शर्मा, संतोष चौहान, अमित तिवारी, गोविन्द शर्मा, रूपचंद राय, अमर यादव, मिथलेश साहू, संजय निषाद, महेंद्र राय, विश्वा, शिव भास्कर, मना यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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