मस्तूरी: एनटीपीसी सीपत में फ्लाई ऐश डंपिंग के नाम पर करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप

 मस्तूरी: एनटीपीसी सीपत में फ्लाई ऐश डंपिंग के नाम पर करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप

बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र स्थित एनटीपीसी सीपत प्लांट से निकलने वाले फ्लाई ऐश (राखड़) के परिवहन और डंपिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितता और करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता ने ट्रांसपोर्टर और एनटीपीसी अधिकारियों की मिलीभगत से इस खेल को अंजाम दिए जाने का आरोप लगाया है।

आरोप है कि फ्लाई ऐश को 120 से 130 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर डंप करने का कार्य आदेश दिया गया है, लेकिन वास्तविकता में इसे महज 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर ही डंप किया जा रहा है। वहीं कागजों में लंबी दूरी दिखाकर लाखों-करोड़ों रुपए का भुगतान लिया जा रहा है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, ट्रांसपोर्टर द्वारा वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम का दुरुपयोग कर कार के माध्यम से दूरी तय दिखाया जाता है। साथ ही टोल प्लाजा के फास्टैग और कथित फर्जी रसीदों के जरिए भी भुगतान में गड़बड़ी की जा रही है।

इस मामले में “आशीर्वाद ट्रांसपोर्ट” के संचालक मोनू राजपाल का नाम सामने आया है, जिन्हें फ्लाई ऐश परिवहन का ठेका मिला हुआ है। आरोप है कि निर्धारित स्थान उरगा-पत्थलगांव की बजाय राखड़ को जयरामनगर, खैरा, बिल्हा और अकलतरा क्षेत्र की खदानों में डंप किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने हाल ही में आठ ट्रेलर वाहनों को मौके पर पकड़ा था, जिनमें से कुछ वाहनों के पास आवश्यक प्रशासनिक अनुमति (NOC) भी नहीं थी। बावजूद इसके अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से सवाल उठ रहे हैं।

गंभीर आरोपों के बावजूद शिकायत के लगभग एक वर्ष बाद भी जांच पूरी नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल मामले में जांच की मांग तेज हो गई है।

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