51 साल पुराने जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 145 बच्चे, आमगांव प्राथमिक शाला में जगह-जगह दरारें
पचपेड़ी/मस्तूरी। पचपेड़ी क्षेत्र के अंतिम छोर पर शिवनाथ नदी के किनारे स्थित ग्राम पंचायत आमगांव के शासकीय प्राथमिक शाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। वर्ष 1975 में निर्मित स्कूल भवन अब जर्जर हो चुका है और भवन की दीवारतथा पर जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद करीब 145 छात्र-छात्राएं इसी भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यालय परिसर में एक अतिरिक्त भवन भी मौजूद है, लेकिन बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप पर्याप्त एवं सुरक्षित भवन की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को जोखिम के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। बरसात के मौसम में भवन की स्थिति को लेकर पालकों और ग्रामीणों में लगातार चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि सरकार स्मार्ट मीटर लगाने में व्यस्त है, जबकि गांव के स्कूलों की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उनका आरोप है कि विद्यालय में न तो पर्याप्त भवन की व्यवस्था है और न ही आवश्यक संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि आमगांव प्राथमिक शाला के लिए शीघ्र नया भवन स्वीकृत किया जाए तथा आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

