NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 12 साल में पहली बार विरोध के दबाव में मंत्री ने छोड़ा पद

 NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 12 साल में पहली बार विरोध के दबाव में मंत्री ने छोड़ा पद


नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रही थी।

इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार में इस्तीफे नहीं होने की बात कही जाती थी, लेकिन जनदबाव के आगे आखिरकार शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने इसे युवाओं की आवाज़ और आंदोलन की जीत बताया।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी दो पन्नों की एक चिट्ठी के माध्यम से सार्वजनिक की। करीब 575 शब्दों की इस चिट्ठी में उन्होंने अपने कार्यकाल, शिक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों का उल्लेख किया। साथ ही पत्र के कुछ हिस्सों में युवाओं को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी चर्चा हो रही है।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद यह पहली बार है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध के बाद इस्तीफा दिया है। इससे पहले वर्ष 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम. जे. अकबर ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था।

NEET पेपर लीक प्रकरण और शिक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में लगातार राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

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