तमिलनाडु में मजदूरी करने गए 36 श्रमिक ठगी के शिकार, तीन साल से नहीं मिला पूरा भुगतान

 तमिलनाडु में मजदूरी करने गए 36 श्रमिक ठगी के शिकार, तीन साल से नहीं मिला पूरा भुगतान


बिलासपुर। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में मजदूरी करने गए छत्तीसगढ़ के 36 श्रमिकों के साथ कथित मजदूरी ठगी का मामला सामने आया है। श्रमिकों का आरोप है कि ठेकेदार ने उनसे लगातार करीब तीन साल तक काम कराया, लेकिन पूरी मजदूरी का भुगतान नहीं किया और शेष राशि देने का आश्वासन देकर टालता रहा।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुक्कलतोराई में ठेकेदार के माध्यम से काम करने गए थे। श्रमिकों ने बताया कि उनसे खेती-किसानी से जुड़े कार्य, गाजर की खुदाई, धुलाई, बोरा धुलाई, भराई, बोरा सिलाई तथा पिकअप वाहन में माल लोड करने जैसे काम कराए गए। आरोप है कि ठेकेदार ने लोडिंग के लिए 200 रुपये प्रति बोरा मजदूरी तय की थी, लेकिन श्रमिकों को उनके काम के अनुसार पूरी राशि नहीं दी गई और केवल खाने-पीने का खर्च दिया जाता रहा।

लगातार पैसे मांगने और ठेकेदार के चक्कर लगाने के बाद श्रमिकों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों से ऑनलाइन पैसे मंगवाकर ट्रेन की टिकट कराई और वापस छत्तीसगढ़ लौटे। श्रमिकों ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।

भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन

शिकायत के बाद श्रम विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। विभाग के अनुसार, पुराने वित्तीय वर्ष की राशि के लिए प्रयास किया जा सकता है, लेकिन शासन के नियमों के अनुसार दबावपूर्वक भुगतान नहीं कराया जा सकता। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष की मजदूरी के भुगतान के लिए संबंधित जिले के कलेक्टर को पत्र भेजकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही गई है।

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