जयरामनगर ओवरब्रिज निर्माण 6 साल से अधूरा, राहगीर परेशान मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के जयरामनगर में करोड़ों रुपए की लागत से बन रहा रेलवे ओवरब्रिज अब भी अधूरा है। निर्माण कार्य शुरू हुए करीब 6 साल पूरे होने को आ गए, लेकिन काम कछुए की रफ्तार से चल रहा है। निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण हर दिन हजारों राहगीरों को रेलवे फाटक पर घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कई बार नाराजगी जताई है और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि इस ब्रिज से जयरामनगर समेत आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि यहां आए दिन रेल गाड़ियों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनती है। लोगों का कहना है कि 6 साल बीत जाने के बाद भी ओवरब्रिज का पूरा न होना प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्य पूरा कराने और इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके

 जयरामनगर ओवरब्रिज निर्माण 6 साल से अधूरा, राहगीर परेशान

मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के जयरामनगर में करोड़ों रुपए की लागत से बन रहा रेलवे ओवरब्रिज अब भी अधूरा है। निर्माण कार्य शुरू हुए करीब 6 साल पूरे होने को आ गए, लेकिन काम कछुए की रफ्तार से चल रहा है।



निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण हर दिन हजारों राहगीरों को रेलवे फाटक पर घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कई बार नाराजगी जताई है और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।


बताया जा रहा है कि इस ब्रिज से जयरामनगर समेत आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि यहां आए दिन रेल गाड़ियों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनती है।


लोगों का कहना है कि 6 साल बीत जाने के बाद भी ओवरब्रिज का पूरा न होना प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।


स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्य पूरा कराने और इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके

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