24.50 लाख की लागत से बना स्कूल भवन दो साल में ही जर्जर,
पचपेड़ी/लोहरसी। लोहरसी क्षेत्र के ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में स्कूल जतन योजना के तहत लगभग 24 लाख 50 हजार रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त भवन महज दो वर्षों में ही जर्जर होने लगा है। भवन में जगह-जगह दरारें पड़ने से ग्रामीणों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार अतिरिक्त कक्ष निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। भवन का फ्लोर भी कई स्थानों पर धंसने लगा है तथा नींव में भी कमजोरी के संकेत नजर आ रहे हैं। दीवारों में आई दरारें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शाला के प्रधान पाठक कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि अतिरिक्त भवन का निर्माण हुए अभी लगभग दो वर्ष ही हुए हैं, लेकिन भवन में कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम अवधि में भवन की यह स्थिति चिंता का विषय है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भवन निर्माण स्थल पर न तो निर्माण लागत की जानकारी प्रदर्शित की गई है और न ही निर्माण एजेंसी का नाम दर्शाने वाला कोई सूचना पटल लगाया गया है। इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से बने इस भवन की हालत इतनी जल्दी खराब होना निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की आशंका को बल देता है। स्कूल में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं।
इस संबंध में एसडीओ अमित बंजारे ने बताया कि भवन में आई दरारों और अन्य समस्याओं की जानकारी ठेकेदार को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एसडीओ के अनुसार निर्माण कार्य की लगभग दो से ढाई लाख रुपये की राशि अभी बकाया है, जिसका भुगतान नहीं किया गया है। ठेकेदार पहले भवन की कमियों को दूर करेगा, उसके बाद ही शेष राशि के भुगतान पर विचार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से भवन की तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही भवन की मरम्मत कर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और सुधार कार्य नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।


