एसीसी अडानी की सप्त सरोवर परियोजना पर उठे सवाल, निर्माण के 1 साल बाद बाद बांध में दरारें
मस्तूरी/बिलासपुर। ग्राम बोहारडीह में एसीसी अडानी फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2024-25 में संचालित सप्त सरोवर परियोजना के तहत बनाए गए नया तालाब के निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना के तहत बनाए गए तालाब की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिसके कारण निर्माण 1 साल बाद ही उसमें लगाए हुए पुल टूटने और क्षतिग्रस्त होने लगा है।ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से किए गए कार्य का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है सप्त आरोवर के कारण परियोजना की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि परियोजना की तकनीकी जांच कराई जाए तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी वर्षा ऋतु में बांध को और अधिक नुकसान हो सकता है तथा जल संरक्षण का उद्देश्य भी प्रभावित होगा।
ना तो में सप्त सरोकार का सूचना पटल में लागत भी नहीं लिखा
गया है
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने और परियोजना में हुए खर्च एवं निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप:
निर्माण के 1 साल बाद बांध में दरारें दिखाई देने लगीं।
निर्माण गुणवत्ता और खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्वतंत्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

