छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के नेतृत्व में आरक्षण बहाली की पुरानी मांग को लेकर बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी विधायकों को सौंपा गया ज्ञापन

छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के नेतृत्व में आरक्षण बहाली की पुरानी मांग को लेकर बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी विधायकों को सौंपा गया ज्ञापन

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के नेतृत्व में मछुआरा समाज को पुनः अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किए जाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा क्षेत्रों के माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया।

महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर, बेलतरा, बिल्हा, कोटा, मस्तूरी एवं तखतपुर विधानसभा के माननीय विधायकों से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा सत्र में मछुआरा समाज की आरक्षण बहाली का विषय प्रमुखता से उठाया जाए तथा छत्तीसगढ़ शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजी जाए, ताकि समाज को पुनः अनुसूचित जनजाति का संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो सके।


ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मछुआरा समाज (केवट, धीमर, कहार, भोई, मल्लाह आदि) पूर्व में अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल था, किंतु प्रशासनिक त्रुटि के कारण समाज इस अधिकार से वंचित हो गया। आज भी समाज आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है, इसलिए समाज के हित में शीघ्र सकारात्मक पहल आवश्यक है।

इस अवसर पर महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल आरक्षण का विषय नहीं, बल्कि समाज के संवैधानिक अधिकार, सामाजिक न्याय एवं आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। समाज इस मांग को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार उठाता रहेगा।

इस अभियान में छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के जिला अध्यक्ष दीप कुमार कैवर्त के नेतृत्व में हर प्रसाद केवट, धनेश केवट लक्ष्मी प्रसाद केवट, शिव मोहन बघेल गजेंद्र केवट, गिरीश केवट एव सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ ने सभी जनप्रतिनिधियों से समाज की इस न्यायोचित एवं वर्षों पुरानी मांग का समर्थन करते हुए विधानसभा में प्रभावी ढंग से आवाज उठाने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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