लोहरसी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी, पालकों पर फिर बढ़ेगा अतिरिक्त शिक्षकों का आर्थिक बोझ

 लोहरसी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी, पालकों पर फिर बढ़ेगा अतिरिक्त शिक्षकों का आर्थिक बोझ

लोहरसी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहरसी में शुक्रवार को शाला विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ विद्यालय के प्राचार्य चिंतामणि कश्यप, विद्यालय के समस्त शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक, पालकगण तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक में प्रमुख रूप से शिक्षक व्यवस्था और लंबे समय से  शिक्षकों की मांग विद्यालय संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रकाश तिवारी, राकेश शर्मा

 जगदीश तिवारी मोहन कोसले, मोहित कोसले, हलधर साहू, अनिल कोसले सहित ग्राम सरपंच अनिल साहू, सचिव गीता लहरे एवं  भी मौजूद रहे।

बैठक का सबसे अहम मुद्दा विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी रहा। समिति के सदस्यों और पालकों ने बताया कि वर्ष 2022 में कई शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद से विद्यालय में नियमित शिक्षकों की संख्या काफी कम हो गई है। वर्तमान में करीब 500 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई मात्र 6 से 7 नियमित शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है।

विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शाला विकास समिति ने अपने स्तर पर दो अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की है। वहीं पूर्व में एसीसी कंपनी की ओर से तीन अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन इस वर्ष कंपनी की ओर से अब तक कोई सहयोग नहीं मिला है। ऐसे में अब पुनः अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति शाला विकास समिति को ही करनी पड़ेगी, जिसका पूरा आर्थिक भार पालकों पर पड़ेगा।

बैठक में पालकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब विद्यालय में शिक्षकों की स्पष्ट कमी है, तब भी शासन द्वारा नए शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की जा रही है। ऐसे में बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी पालकों के आर्थिक सहयोग से चलाना मजबूरी बन गई है, जो उचित नहीं है। पालकों ने शासन से जल्द से जल्द पर्याप्त संख्या में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की।

अंत में विद्यालय के प्राचार्य चिंतामणि कश्यप ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों को लगातार भेजी जा रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शासन से शीघ्र पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना की उम्मीद जताई।

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