मस्तूरी में उर्वरकों की गुणवत्ता जांच के लिए चार सैंपल लिए गए धुर्वाकारी, चिल्हाटी और लोहरसी की सेवा सहकारी समितियों में हुई सैंपलिंग

 मस्तूरी में उर्वरकों की गुणवत्ता जांच के लिए चार सैंपल लिए गए

धुर्वाकारी, चिल्हाटी और लोहरसी की सेवा सहकारी समितियों में हुई सैंपलिंग


मस्तूरी। उप संचालक कृषि बिलासपुर के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 18 सितंबर 2026 को उर्वरकों की सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। मस्तूरी के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सह उर्वरक निरीक्षक श्री ए.के. आहिरे ने सेवा सहकारी समितियों धुर्वाकारी, चिल्हाटी एवं लोहरसी में भंडारित उर्वरकों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) उर्वरकों के कुल चार सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को गुणवत्ता जांच के लिए रायपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। विभाग के अनुसार, उर्वरकों की गुणवत्ता को लेकर संदेह की स्थिति में नियमानुसार सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है।

बताया गया कि पूर्व में भी उर्वरकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें अमानक पाए गए उर्वरकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा औचक निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

सैंपलिंग में श्री गणपति फर्टिलाइजर, इंडियन पोटाश लिमिटेड, कृष्णा फॉसकेम, इंदोरामा सहित विभिन्न निर्माता कंपनियों के उर्वरक शामिल हैं। विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को निर्धारित गुणवत्ता वाले उर्वरक उपलब्ध कराना और अमानक खाद की बिक्री पर रोक लगाना है।

कृषि विभाग मस्तूरी द्वारा समय-समय पर उर्वरक दुकानों एवं समितियों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाते रहे हैं। कार्रवाई को किसानों के हित में उठाया गया कदम बताते हुए क्षेत्र के किसानों ने विभाग की पहल की सराहना की है।

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