बिना अनुमति लाउडस्पीकर-डीजे बजाया तो एक लाख तक जुर्माना, एक साल की कैद
कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026 का प्रारूप जारी, उल्लंघन पर कड़े दंड और उपकरण जब्ती का प्रावधान
रायपुर। राज्य सरकार ने ध्वनि प्रदूषण और कोलाहल पर नियंत्रण के लिए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026 का प्रारूप जारी किया है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के लाउडस्पीकर, डीजे या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना, सजा के साथ-साथ उपयोग किए गए उपकरण को जब्त करने का प्रावधान रखा गया है।
प्रस्तावित अधिनियम में अस्पताल, विद्यालय, महाविद्यालय, न्यायालय, केंद्र व राज्य सरकार तथा स्थानीय निकायों के कार्यालयों के आसपास 100 मीटर क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर विशेष प्रतिबंध रहेगा।
अनुमति लेना होगी जरूरी
प्रस्ताव के मुताबिक लाउडस्पीकर, डीजे आदि बजाने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग द्वारा विधेयक के प्रारूप पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 5 अक्टूबर 2026 तक दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
उल्लंघन पर बढ़ेगा दंड
प्रस्तावित कानून में पहली बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा तीन माह तक की कैद का प्रावधान बताया गया है। दोबारा उल्लंघन करने पर एक वर्ष तक की कैद और अधिक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही संबंधित डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य उपकरण को जब्त करने का भी प्रावधान प्रस्तावित है।
शांत क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने पर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक कड़े दंड का प्रावधान रखा गया है।
